Hindi Story For Kids

Top 10 Hindi Story For Kids 2020 | Hindi Story For Kids

Hindi Story For Kids

  1. चतुर खरगोश – Hindi Story For Kids

                  एक जंगल में शेर और अन्य प्राणियों के बीच समझौता हुआ था।शेर के भोजन के लिए रोज एक प्राणी को उसकी गुफा में जाना पड़ता था। एक दिन एक खरगोश की बारी आई। उसे शेर के भोजन के समय तक उसकी गुफा में पहुँचना था। खरगोश बहुत चतुर था। उसने दुष्ट शेर को खत्म करने की योजना बनाई। 

                   खरगोश जानबूझकर बहुत देर से शेर के पास पहुँचा। अब तक शेर के भोजन का समय बीत चुका था। उसे बहुत जोर की भूख लगी थी। इसलिए खरगोश पर उसे बहुत गुस्सा आया।

”तुमने आने में इतनी देर क्यो कर दी?“ शेर ने गरजते हुए पूछा। 

”महराज, क्या करूँ?“ खरगोश ने बहुत ही नम्रतापूर्वक जवाब दिया,

”रास्ते में एक दूसरा शेर मिल गया था। वह मेरा पीछा करने लगा। बहुत मुश्किल से मैं उससे पिड छुड़ाकर यहाँ आ पाया हूँ।“ 

”दूसरा शेर? और वह भी इस जंगल में?“ शेर ने गरजते हुए पूछा। 

”हाँ महाराज, दूसरा शेर! वह कहाँ रहता है, यह मुझे मालूम है। आप मेरे साथ चलिए। मैं आपको अभी दिखता हूँ।“ खरगोश ने कहा। शेर खरगोश के साथ तुरंत ही चल पड़ा। खरगोश उसे एक कुएँ के पास ले गया और बोला, ”महराज, यहाँ रहता है वह। आइए, अंदर देखिए।“ शेर ने कुँए में झाँककर देखा। पानी में उसे अपनी ही परछाईं दिखाई दी। उसने उस परछाईं को ही दूसरा शेर समझ लिया और गुस्से में आकर जोर से गर्जना की। उसने देखा कि कुँए का शेर भी उसकी ओर देखकर दहाड़ रहा है। तब शेर अपने गुस्से पर काबू न रख सका। उसने कुएँ में छलाँग लगा दी और पानी में डूबकर मर गया। इस तरह शेर का अंत हो गया।

शिक्षा -बुद्धि ताकत से बड़ी होती है। Hindi Story Read

  1. गधे का दिमाग – Hindi Story For Kids

                     एक था शेर। वह जंगल का राजा था। एक सियार उसका मंत्री था। शेर रोज अपने भोजन के लिये एक जानवर का शिकार करता था। इस शिकार मे से एक हिस्सा सियार को मिलता था। मंत्री के रूप में सेवा करने का यह उसका मेहनताना था। 

                      एक दिन शेर बीमार हो गया। वह शिकार करने के लिए गुफा से बाहर नहीं जा सका। उसने सियार से कहा, ”आज मैं शिकार के लिये बाहर नही जा सकता। पर मुझे बहुत जोर की भूख लगी है। तुम जाओ किसी प्राणी को ले आओ ताकि उसे खाकर मै अपनी भूख मिटा सकूँ।“ सियार ने मन में विचार किया, “कोई जानवर अपनी खुशी सेे शेर की गुफा मे नही आयेगा! तो अब मै क्या करूँ!“ बहुत विचार करने पर उसे एक तरकीब सूझी। उसने सोचा “गधा सबसे बेवकूफ प्राणी है। मै उसे झाँसा देकर यहाॅ ला सकता हूँं। “ 

                       सियार गधे के पास गया। और बोला, “गधे भाई में तुम्हारे लिए एक खुशखबरी लाया हूँ। जंगल के राजा ने तुम्हे अपना मंत्री बनाने का निश्चय किया है। तुम अभी मेरे साथ चलकर उनसे भेंट कर लो।“ यह सुनकर गधे को बहुत खुशी हुई। वह सियार के साथ शेर की गुफा मे गया उसको देखते ही भूखा शेर उस पर टूट पड़ा और उसे मार डाला। फिर उसने सियार से कहा, “मैं नदी में स्नान करके आता हूँ। तब तक तुम इस शिकार का ख्याल रखना।“ शेर नदी की ओर चला गया। सियार भी बहुत भूखा था। शेर के वापस आने से पहले वह गधे के दिमाग को चट कर गया। जब शेर वापस लौटा उसने गधे की ओर देखा कहा “इस प्राणी का दिमाग कहाँ है ?“

सियार ने मुस्कराते हुए कहा, “महाराज अगर गधे को दिमाग होता तो क्या वह यहाँ आता। गधे को तो दिमाग होता ही नही।“

शिक्षा -धूर्त अपनी चालाकी से नही चूकता Bhachho ki kahani

  1. नमक का व्यापारी और गधा – Hindi Story For Kids 2020

                    नमक के एक व्यापारी के पास एक गधा था। वह व्यापारी रोज सुबह अपने गधे पर नमक की बोरियाँ लादकर आस पास के गाँवो मे नमक बेचने ले जाया करता था। 

आसपास के गाँवो में जाने के लिए उसे कई नाले और छोटी-छोटी नदियाँ पार करनी पड़ती थीं। एक दिन नदी पार करते समय गधा अचानक पानी में गिर पड़ा इससे गधे के शरीर पर लदा हुआ ढेर-सारा नमक पानी में घुल गया अब गधे का बोझ काफी हल्का हो गया। उस दिन गधे को अच्छा आराम मिल गया।

                    दूसरे दिन वह व्यापारी रोज की तरह गधे पर नमक की बोरियाँ लाद कर नमक बेचने निकला। उस दिन पहले नाले को पार करते समय गधा जानबूझ कर पानी मे बैठ गया। 

                     उसकी पीठ का बोझ फिर हल्का हो गया। व्यापारी उस दिन भी गधे को लेकर वापस लौट आया। पर नमक के व्यापारी के ध्यान मे आ गया कि आज गधा जानबूझकर पानी मे बैठ गया था। उसे गधे पर बहुत गुस्सा आया। इसलिए डंडे से उसने गधे की खूब पिटाई की। उसने कहा, “मूर्ख प्राणी, तू मुझसे चालाकी करता है। मैं तुझे सबक सिखाए बिना नही रहूगाँ।“ अगले दिन व्यापारी ने गधे पर रूई के बोरे लादे गधे ने फिर वही तरकीब आजमाने की कोशिश की, नाला आते ही वह पानी मे बैठ गया। इस बार उल्टा ही हुआ। रूई के बोरो ने खूब पानी सोखा और गधे की पीठ का बोझ पहले से कई गुना बढ़ गया। पानी से बाहर आने मे गधे को खूब मेहनत करनी पड़ी। उस दिन के बाद से गधे ने पानी मे बैठने की आदत छोंड दी। 

शिक्षा -मूर्ख सबक सिखाने से ही काबू में आते है। Hindi me kahani

  1. मकड़ी की सीख – Hindi Story Kids

                       एक बार दो राजाओ के बीच युद्ध छिड़ गया। उनमें से एक राजा पराजित हो गया। वह जंगल की ओर भाग गया। उसने एक गुफा में शरण ली। विजयी राजा ने उसका पीछा करने के सैनिक भेजे। वह उसे जान से मार डालना चाहता था। पराजित राजा बहुत बहादुरी से लड़ा था। पर उसकी सेना थोड़ी थी। शत्रु की विशाल सेना ने उसकी छोटी सी सेना को हरा दिया था। मजबूर होकर अपनी जान बचाने के लिए उसे जंगल मे भागना पड़ा। वह बहुत दुःखी हो गया और हिम्मत हार बैठा। 

                       एक दिन उदास होकर राजा गुफा मे लेटा हुआ था। तभी उसका ध्यान एक छोटी-सी मकड़ी की ओर गया। वह गुफा की छत के एक कोने मे जाला बुनने का प्रयत्न कर रही थी। वह सरपट दीवार पर चढ़ती। बीच में जाले का कोई धाागा टूटता और वह जमीन पर आ गिरती। बार-बार यही होता रहा पर मकड़ी हिम्मत नहीं हारी। वह बार-बार प्रयास करती रही। आखिरकार जाला बुनते-बुनते वह छत तक पहुँचने मे सफल हो गयी। उसने पूरा जाला बुन-कर तैयार कर दिया। राजा ने सोचा, “यह रेंगनेवाली नन्ही-सी मकड़ी बार-बार असफल होती रही, लेकिन इसने प्रयास करना नही छोड़ा। मैं तो राजा हूँ। फिर मैं प्रयास करना क्यों छोड़ दूँ। मुझे फिर से प्रयत्न करना चाहिए।“ उसने दुश्मन से एक बार फिर युद्ध करने का निश्चय किया। 

                       राजा जंगल से बाहर निकलकर अपने विश्वासपात्र सहयोगियों से मिला। उसने अपने राज्य के शूर-वीरो को एकत्र किया। और शक्तिशाली सेना खड़ी की। उसने पूरी ताकत से दुश्मन पर चढ़ाई कर दी। 

वह वीरता पूर्वक लड़ा। आखिरकार उसकी विजय हुई। उसे अपना राज्य वापस मिल गया। राजा उस मकड़ी को जिंदगी भर नही भूल सका, जिसने उसे सदा प्रयास करते रहने का सबक सिखाया था।

शिक्षा -असफलताओ से जूझनेवालों को एक दिन सफलता अवश्य मिलती है। Kavita in Hindi

  1. वफादार नेवला – Hindi Kids Story

                   रामदास और सावित्री पति-पत्नी थे। उनके एक पुत्र था। उसका नाम महेश था। उन्होनें अपने घर मे एक नेवला पाल रखा था। महेश और नेवला एक-दूसरे से हिल मिल गए थे दोनो पक्के मित्र।

एक दिन रामदास अपने खेत गया था। सावित्री भी किसी काम से बाहर गई थी। महेश पालने में गहरी नींद में सो रहा था। नेवला पालने के पास बैठ कर उसकी रखवाली कर रहा था।

एकाएक नेवले की नजर साँप पर पड़ी वह महेश के पालने की तरफ सरपट आ रहा था।

                   नेवले ने उछलकर साँप की गर्दन दबोच ली फिर तो साँप और नेवले में जमकर लड़ाई हुई। अंत में नेवले ने साँप को मार डाला।

                   थोड़ी देर में नेवले ने सावित्री को आते देखा। मालकिन का स्वागत करने के लिए वह दौड़कर दरवाजे पर जा पहँुचा। सावित्री नेवले के खून से सने मुँह को देख कर चकित रह गयी। उसे शंका हुई कि नेवले ने उसके बेटे को मार डाला। वह गुस्से से पागल हो गई। उसने बरामदे में पड़ा हुआ डंडा उठाया। और जोर से नेवले को इतना मारा कि नेवला तुंरत मर गया। इसके बाद दौड़ती हुई अंदर के कमरे में गई महेश को सुरझित देख कर बड़ी खुशी हुई। उसकी नजर मरे हुए साँप पर पड़ी उसे अपनी गलती समझते देर नही लगी। वह विलाप करने लगी जिस विश्वाशपात्र नेवले ने उसके बेटे की जान बचाई थी, उसी को उसने मार डाला था। उसे अपार दुःख हुआ। मगर अब पश्चाताप करने से कोई फायदा नहीं था।

शिक्षा -बिना विचारे जो करे सो पाछे पछताय। Kahani in hindi

  1. चंडूल और किसान – Hindi Story For Kid

               एक बार एक घोड़ा एक आदमी के पास आया और कहने लगा, भ्ई, मेरी मदद करो। जंगल मे एक बाघ आ गया है। वह मुझे मार डालना चाहता है। आदमी ने कहा, “अरे मित्र चिंता मत करो! वह बाघ तुम्हारा कुछ नही बिगाड़ सकता। बाघ से मैं तुम्हारी रक्षा करूँगा।

                घोड़े ने कहा, मैं आपका बहुत अभारी रहूँगा। आदमी ने कहा, “पर तुम्हे एक बात का ध्यान रखना पडे़गा। मैं जैसा कहूँ तुम्हे वैसा ही करना होगा।” 

घोडे़ ने कहा, “मुझे क्या करना होगा।” 

                 आदमी ने कहा, “तुम्हे अपनी पीठ पर काठी और मुँह में लगाम डालने की अनुमति देनी होगी।” घोडे़ ने कहा, “तुम जो चाहो, सो करो। पर कृपा करके मुझे उस बाघ से बचाओ।” आदमी ने घोडे़ की पीठ पर काठी कसी। उसने उसके मुँह में लगाम लगाई। इसके बाद वह घोडे़ पर सवार हुआ दौड़ाते हुए अस्तबल मे ले आया। आदमी ने घोड़े को बाँधते हुए कहा, “अब तुम इस अस्तबल में एकदम सुरझित हो। जब मैं तुम्हे बाहर ले जाऊगाँ, तब मैं तुम्हारी पीठ पर सवार रहूँगा। मैं तुम्हारे साथ रहूगाँ। बाघ तुम्हारा कुछ नही बिगाड़ सकेगा। इसके बाद आदमी ने अस्तबल का दरवाजा बंद किया और चला गया।

                  अब घोड़ा अस्तबल में कैद हो गया। उसने मन ही मन सोचा मैं यहाँ सुरझित जरूर हूँ। पर स्वतंत्र नही मैंने सुरक्षा प्राप्त की पर अपनी आजादी गवाँ दी। यह तो बहुत बुरा सौदा हुआ। पर अब मैं मजबूर हूँ।

शिक्षा :- स्वतंत्रता की कीमत पर सुरक्षा किस काम की। Hindi Kavita

  1. डरपोक घोड़ा – Hindi Story For Kids

                     मक्का के खेत में चंडूल चिडि़या ने अपना घोंसला बनाया था। वह अपने बच्चो के साथ उस घोंसले में रहती थी। मक्के की फसल तैयार होने और कटने तक उनका घोंसला सुरक्षित था। 

                     एक दिन चंडूल ने अपने बच्चो से कहा, “अब फसल तैयार हो गयी है और कटनेवाली है। इस लिए हमें कहीं और घोंसला बना लेना चाहिए।” दूसरे दिन किसान खेत में आया। उसने किसी से बातचीत करते हुए कहा,”कल में अपने रिश्तेदारों को बुलाकर फसल की कटाई करूँगा।”

                       किसान की यह बात चंडूल और उसके बच्चो ने सुनी बच्चो ने कहा, “माँ जल्दी कर कल सूर्य अस्त होने से पहले हमें यह घोंसला छोड़ देना चाहिए किसान कल फसल की कटाई करने वाला है।” माँ ने कहा, “घबराने की बात नही कल वह फसल की कटाई शुरू ही नही कर सकता।” दूसरे दिन किसान खेत पर आया। उसका कोई भी रिश्तेदार उसकी मदद करने नही पहुँचा था। इसलिए वह खाली हाथ वापस चला गया। जाते जाते उसने कहा कल में अपने पड़ोसियो को बुलाकर लाऊँगा और फसल की कटाई जरूर करूँगा। चूंडल के बच्चो ने फिर अपनी माँ से कहा, “माँ जल्दी कर अब हमें घोंसला छोड़ देना चाहिए पर माँ ने जवाब दिया, रूको! अभी घोंसला छोड़ने की जरूरत नही है।

                       अगले दिन ठीक वही हुआ, जैसा चंडूल ने सोचा था। किसान का कोई भी पड़ोसी उसकी मदद करने नही पहुँचा। मगर इस बार किसान ने कहा, अब दूसरों के भरोसे बैठे रहने से काम नही चलेगा। कल मैं खुद फसल की कटाई करूँगा।

                       यह सुनकर चंडूल ने अपने बच्चो से कहा, अब हमें तुरंत इस घोंसले को छोड़ देना चाहिए, क्योंकि कल किसान जरूर फसल की कटाई करेगा।

शिक्षा -अपना काम अपने ही भरोसे होता है । Hindi Kahani

  1. लालची बंटी – Hindi Story For Kids

                 बंटी नाम का एक प्यारा लड़का था। उसे टाफियाँ बहुत पसंद थी। एक दिन वह अपनी माँ के साथ अपनी मौसी के घर गया। मौसी बंटी की आदत से परचित थी। इसलिए वह टाफियों से भरा मर्तबान ही उसके लिये खरीद लाईं थीं ।

                 मौसी ने अलमारी से टाफियों का मर्तबान निकाल कर बंटी के सामने रख दिया। बंटी इतनी सारी टाफियाँ देखकर पुलकित हो गया। मौसी ने कहा, बंटी जितनी सारी टाफियाँ चाहिए ले लो। बंटी ने झटपट मर्तबान का ढक्कन खोलकर हाथ भीतर डाल दिया। जितनी टाफियाँ मुटठी में समा सकती थीं, उसने उतनी टाफियाँ मुटठी में भर लीं।

मर्तबान का मुँह बहुत छोटा था। टाफियों से भरी मुटठी मर्तबान के मुँह से बड़ी हो गयी। इस लिए बंटी का हाथ बाहर नही आ रहा था। उसने बहुत कोशिश की अपने दूसरे हाथ से मर्तबान को आगे पीछे बढ़ाया। उसे तेजी से गोल-गोल घुमाया। पर उसका हाथ बाहर नही निकला। 

                  बंटी की परेशानी देख माँ ने कहा, बेटे! अक्ल से काम लो अपनी मुटठी खोलकर कुछ टाफियाँ गिरा दो फिर तुम्हारा हाथ आसानी से निकल आएगा। बंटी ने वैसा ही किया। उसका हाथ आराम से बाहर निकल आया ।

शिक्षा -पेटू बनना अच्छा नही। Hindi Story

  1. चतुर ज्योतषी – Hindi Story For Kids

                  एक सम्राट था। एक बार उसने प्रसिद्ध ज्योतिषी को अपने दरबार में बुलाया। ज्योतिषी अचूक भविष्यवाणी करने के लिए मशहूर था। 

सम्राट ने बड़े सम्मान से उसका स्वागत किया और उसे ऊँचे आसन पर बिठाया। 

फिर सम्राट ने उसे जन्म कुंडली दी और कहा, “पंडितजी, कृपया मेरी जन्म-कुडंली पढ़कर मेरा भविष्य बताइए।” 

                 ज्योतिषी ने बड़ी सवधानी से सम्राट की कुंडली का अध्यन किया। फिर उसने कहा, “महाराज आपके गृह आपका भविष्य बता रहे हंै, वही मैं आपको बताऊँगा। मै काल्पनिक कहानियाँ नही कहता।” 

सम्राट ने कहा,” समझ गया आप क्या कहना चाहते ह है। आप निर्भीक होकर मेरा भविष्य बताइए।”

ज्योतिषी ने सम्राट के बारे मे अच्छी अच्छी बातें बताना शुरू किया राजा का चेहरा आनंद से खिल उठा।

भविष्य के बारे मे अच्छी-अच्छी बातें सुनकर उसे बहुत खुशी हुई।

                  फिर ज्योतिषी ने राजा की दुर्भाग्यपूर्ण घटनाओ के बारे मे बताना शुरू किया। इन बातो को सुनकर राजा बहुत दुःखी हुआ। एक बार तो उसके मन मे इतनी ठेस लगी कि उसने गुस्से मे आकर कहा, “बंद करो अपनी ये वाहियात बातें! अब मुझे सिर्फ यह बताओ कि तुम्हारे ग्रहों की सूचना के अनुसार तुम्हारी मौत कब होने वाली है?”

                  चतुर ज्योतिषी समझ गया कि सम्राट का आशय क्या है। उसने जवाब दिया,” महाराज मेरी मृत्यु आपकी मृत्यु के एक दिन पहले होने वाली है।” सम्राट बहुत गुस्से मे था। वह ज्योतिषी को मृत्युदंड देने वाला था। पर उसने ज्योतिषी के मुख से अपनी मौत की भविष्यवाणी सुनकर अपना इरादा बदल दिया। उसका गुस्सा शांत हो गया। सम्राट ने ज्योतिषी के बुधिमत्तापूर्ण उत्तर की बहुत सराहना की। उसने ज्योतिषी को मूल्यवान उपहार दिए और उसे सम्मान पूर्वक विदा किया ।

  1. राजा सोलोमन और शीबा की रानी – Kids Story Hindi

                          राजा सोलोमन अपने ज्ञान के लिए जाना जाता था। शिबा की रानी उसके ज्ञान की परिक्षा लेना चाहती थी। एक दिन वह अपने दोनो हाथो में फूलो के दो हार लेकर राजा सोलोमन के दरबार में आई।

                          दोनो हार देखने में एक जैसे थे। पर उनमे एक हार असली फूलो का था। और दूसरा कागज का था। उसने राजा से कहा, “हे राजन!यह बताएं कि असली फूलो का हार कौन सा है? और नकली फूलो का हार कौन सा है? आपको सिंहासन पर बैठे बैठे इस बात का निर्णय करना है।” राजा ने दोनो हारो को बडे़ ध्यान से देखा। दोनो एक जैसे दिखाई दे रहे थे। सिर्फ दूर से देखना असली नकली का निर्णय करना मुश्किल था। राजा सोच में पड़ गया आखिर उसे एक तरकीब सूझी। उसके राजमहल के एक ओर हरी भरी फुलवारी थी। उसने अपने एक सेवक को आदेश दिया, “वह बगीचे की ओर वाली खिड़की खोल दो।” खिड़की खुलते ही कुछ मधुमक्खिया अंदर आई। वे रानी के दाॅय हाथ पर मडराने लगी। यह देखते हुए राजा ने कहा, “रानी साहिबा मेरे बगीचे की मक्खियो ने आपके सवाल का जवाब दे दिया। आपके दाहिने हाथ का हार असली फूलो का बना है।” रानी ने आदरपूर्वक राजा का अभिवादन किया। राजन आपने सही उत्तर दिया। मेरे दाहिने हाथ का हार ही असली फूलो का बना है। आप सचमुच बहुत ज्ञानी है।

शिक्षा -जहाँ आँखे निणर्य लेने में असमर्थ हो वहाँ ज्ञान से काम लेना चाहिए। Hindi Story Read

Leave a Comment